Jaisalmer budget trip guide 3 days Hindi: जैसलमेर, राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर स्थित एक ऐतिहासिक शहर है, जैसलमेर अपने पीले बलुआ पत्थरों से बने किले और सुनहरी रेत के कारण इसे गोल्डन सिटी भी कहाँ जाता है. इस शहर का निर्माण 1156 ईस्वी में रावल जैसल ने किया था.
जैसलमेर शहर थार रेगिस्तान के बीच में बसा हुआ है. जहाँ सूरज की रोशनी पीले बलुआ पत्थरों और सुनहरी रेत पर पड़ते ही पूरा शहर सोने की तरह चमक उठता है. यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है सोनार किला (जैसलमेर फ़ोर्ट ) यह किला दुनियाँ का एकमात्र ऐसा किला है. जहाँ आज भी हजारों लोग रहते है. इस किले के अंदर आपको प्राचीन हवेलियाँ, मंदिर, संकरी गलियाँ, राजस्थान की शाही कला और संस्कृति देखने को मिलेगा. इसके अलावा जैसलमेर में घूमने के लिये बहुत सारे स्थान है जैसे -पटवों की हवेली, नथमल की हवेली, सलीम सिंह की हवेली, गड़िसर झील, जैसलमेर वॉर म्यूज़ियम, कुलधरा भूतिया गाँव, खाबा फोर्ट, लोधरवा जैन मंदिर, तनोटा मंदिर, सैम सैंड ड्यून्स,बॉर्डर रोड ड्राइव और भी बहुत सारे खूबसूरत स्थान है. जैसलमेर अपने खूबसूरती के लिये पूरी दुनियाँभर में प्रसिद्ध है. हर साल देश-विदेश से भारी मात्रा में पर्यटक जैसलमेर की खूबसूरती को देखने के लिये आते है. तो आइये आज मैं आपको बताने वाला हूँ जैसलमेर यात्रा के सम्पूर्ण जानकरी के बारे में…
-: जैसलमेर की यह यात्रा मैं आपको जैसलमेर रेलवे स्टेशन/ जैसलमेर एयरपोर्ट से बताने वाला हूँ :-
पहला दिन: Day-1 :-
- पहले दिन सुबह में आपको जैसलमेर रेलवे स्टेशन/ जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंचना है. आप रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट से बस, टैक्सी या प्राइवेट कैब लेकर आप आसानी से जैसलमेर पहुंच जायेगे.
- जैसलमेर पहुंचने के बाद आप होटल, गेस्ट हॉउस या होमस्टे लेकर आप चेक इन कीजिये और थोड़ा आराम कीजिये और इसके बाद निकल जाइये जैसलमेर घूमने.
- पहले दिन आपको जैसलमेर किला, जैन मंदिर, पटवों की हवेली, नथमल की हवेली, गड़िसर झील, जैसलमेर वॉर म्यूज़ियम और यहाँ के लोकल मार्केट को घूमना है.
जैसलमेर किला –
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जैसलमेर किला जिसे सोनार किला भी कहाँ जाता है. इस किले का निर्माण रावल जैसल ने 1156 ईस्वी में करवाया था. यह किला त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित है. यह किला दुनियाँ का एकमात्र ऐसा लिविंग फ़ोर्ट है. जहाँ आज भी हजारों लोग रहते हैं. यह किला अपने खूबसूरती, जैन मंदिरों, संकरी गलियों, हवेलियों और शानदार वास्तुकला के लिए पूरी दुनियाँ भर में प्रसिद्ध है. यह किला पीले बलुआ पत्थरों से बना है. इसलिए इसे गोल्डन फ़ोर्ट भी कहाँ जाता है. जैसलमेर किला हर दिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम को 5 बजे तक खुला रहता है. और इसको देखने का टिकट भारतीय पर्यटको के लिये 50 रुपये प्रति व्यक्ति और विदेशी पर्यटको के लिये 250 रुपये है.
जैन मंदिर –
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जैन मंदिर जैसलमेर किले के अंदर ही स्थित है. जैन मंदिर 12वीं से 16वीं सदी में बने शानदार मंदिरों का समूह है. इन मंदिरों में जगती, गर्भगृह, मुख्यमंडप, गूढ़मंडप और शिखर जैसी संरचनाएं हैं. जैन मंदिर सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर को 12 बजे तक खुला रहता है. जैन मंदिर भारतीय पर्यटको के लिये फ्री है और विदेशी पर्यटको के लिये 10 रुपये लगते है.
पटवों की हवेली-
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पटवो की हवेली जैसलमेर का बहुत ही प्रसिद्ध हवेली है. इसका हवेली का निर्माण गुमान चंद पटवा ने 1800 के दशक में कराया था. और इसको पूरा होने में 60 साल लगे थे. पटवों की हवेली पाँच अलग-अलग हवेलियों का समूह है. यह हवेली जैसलमेर की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी हवेली है.पटवों की हवेली हर दिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम को 5 बजे तक खुला रहता है. और इसको देखने का टिकट भारतीय पर्यटको के लिये 20 रुपये और विदेशी पर्यटको के लिये 100 रुपये है.
नथमल की हवेली –
नथमल की हवेली जैसलमेर की एक अनोखी और खूबसूरत हवेली है. इस हवेली का निर्माण 1885 में शुरू हुआ और 1905 में पूरा हुआ था. नथमल की हवेली अपनी बारीक नक्काशी, हाथी के आकार वाले भव्य स्तंभों और अनोखे द्वारों के लिए प्रसिद्ध है. यह हवेली जैसलमेर के रजवाड़ों की शाही जीवनशैली की झलक को दर्शाता है.नथमल की हवेली सुबह 8 बजे से लेकर शाम को 7 बजे तक खुला रहता है. और इसको घूमने का कोई भी टिकट नहीं लगता है.
गड़िसर झील-
गड़ीसर झील जैसलमेर की बहुत ही खूबसूरत ऐतिहासिक झील है. इस झील का निर्माण 12 वीं शताब्दी में राजा रावल जैसल ने करवाया था. यह झील अपने खूबसूरती, शांत वातावरण, घाट, सनसेट और सनराइज के लिये जाना जाता है. यहाँ की खूबसूरती आपका दिल जीत लेगा. गड़िसर झील हर दिन सुबह 8 बजे से लेकर शाम को 7 बजे तक खुला रहता है. इसको देखने का कोई भी टिकट नहीं लगता है. अगर आप बोटिंग करते है तो इसका टिकट 50 से लेकर 300 रूपये लगता है.
जैसलमेर वार म्यूजियम-
जैसलमेर वार म्यूजियम 1971 के ‘लोंगेवाला की लड़ाई’ में शहीद हुए सैनिकों को समर्पित है. यहां पर आप युद्ध में इस्तेमाल किए गए विभिन्न टैंक, तोप, पुराने सैन्य वाहन और बहुत सारे हथियार देख सकते हैं. जैसलमेर वार म्यूजियम हर दिन सुबह 10 बजे से लेकर शाम को 6 बजे तक खुला रहता है. और इसको घूमने का कोई भी टिकट शुल्क नहीं लगता है.
लोकल मार्केट घूमना –
शाम के समय में आप जैसलमेर का सबसे आइकॉनिक ऐतिहासिक मार्केट पटवों गली और सदर बाजार को घूम सकते है. पटवों गली मार्केट में आपको ट्रेडिशनल ज्वेलरी, स्टोन कारविंग्स, हैंडीक्राफ्ट आइटम्स, मिनिचर पेंटिंग और भी बहुत सारी चीजें आपको देखने को मिलेंगे. सदर बाज़ार जैसलमेर का सबसे बड़ा और सबसे पॉपुलर मार्केट है. यहाँ पर आपको जैसलमेर की पूरी संस्कृति मिलती है जैसे – बंधानी दुपट्टा, राजस्थानी लेहारिया, मिरर वर्क जैकेट्स, कैमल लेदर बैग्स, जुत्ती (कैमल लेदर शूज), राजस्थानी शोपीसस, ट्रेडिशनल सिल्वर ज्वेलरी, ऑक्साइडसेड ज्वेलरी, हैंडमेड रिंग्स & इयररिंग्स, डेजर्ट हर्ब्स, राजस्थानी स्पाइसस, वुडेन आइटम्स और भी बहुत सारी चीजें आपको देखने को मिल जायेगा.
दूसरा दिन: Day-2 :-
दूसरे दिन आपको कुलधरा भूतिया गाँव, खाबा फोर्ट, लोधरवा जैन मंदिर और सैम सैंड ड्यून्स को घूमना है.
कुलधरा भूतिया गाँव –
कुलधरा जैसलमेर में स्थित भूतिया गाँव है. 18वीं सदी में रातों-रात खाली हुआ यह गाँव राजस्थान की रहस्यमयी जगहों में से एक है। ऐसा कहाँ जाता है. स्थानीय शासक के अत्याचारों से तंग आकर गाँव के लोग गाँव को श्राप देकर छोड़ दिया था. जिसके बाद से यह गाँव भूतिया और रहस्यमयी है. कुलधारा भूतिया गाँव हर दिन सुबह 8 बजे से लेकर शाम को 6 बजे तक खुला रहता है. और इसको देखने का टिकट 20 रूपये प्रति व्यक्ति लगता है.
खाबा फोर्ट –
इस किले का निर्माण पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा 13 वीं शताब्दी में किया गया था. यह किला उस समय एक महत्वपूर्ण सराय किला था. लेकिन यह किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. लेकिन इस किले का व्यू और शांत वातावरण आपको मंत्रमुग्ध कर देगा. खाबा फ़ोर्ट हर दिन सुबह 8 बजे से लेकर शाम को 6 बजे तक खुला रहता है. खाबा फ़ोर्ट घूमने का टिकट भारतीय पर्यटको के लिये 20 रूपये और विदेशी पर्यटको के लिये 100 रुपये है.
लोधरवा जैन मंदिर –
यह मंदिर 23वें जैन तीर्थंकर, भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है. यह जैन मंदिर अपने सुंदर नक्काशी, प्राचीन स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. इस मंदिर में 500 साल से भी पुराना एक रथ रखा है, जिससे मूर्तियों को लाया गया था. मंदिर की दीवारों पर 1764 में सिरोही के कलाकारों द्वारा बनाए गए चित्र आज भी मौजूद हैं. लोधरवा जैन मंदिर हर दिन सुबह 7 बजे से लेकर शाम को 7 बजे तक खुला रहता है.
सैम सैंड ड्यून्स –
सैम सैंड ड्यून्स – जैसलमेर का असली रेगिस्तान है, और जैसलमेर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह स्थान थार रेगिस्तान का सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत हिस्सा है. सबसे ऊँचे सैंड ड्यून्स भी यहीं पर मिलते हैं. यहाँ के ऊँचे-ऊँचे रेत के टीले, सुनहरी रेत, खुला आसमान और सनसेट की खूबसूरती पर्यटको को बहुत ज़्यादा आकर्षित करती है. यहाँ पर आप जीप सफारी, कैमल सफारी, सनसेट और डेजर्ट कैम्प नाईट को एन्जॉय कर सकते है.
जीप सफारी –
जीप सफारी सैम सैंड ड्यून्स का बहुत ही रोमांचक और यादगार अनुभव माना जाता है. इसमें आपको 4×4 ओपन जीप पर रेत के ऊँचे-नीचे टीलों में तेज़ स्पीड पर एडवेंचर राइड कराई जाती है. इसे “Dune Bashing” कहा जाता है. जीप सफारी का एक्सपीरियंस आपका दिल जीत लेगा. जीप सफारी करने का एक व्यक्ति का लगभग 600 से 800 रुपये लगते है. और यह राइड 20 से 25 मिनट का होता है. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर-नीचे होता रहता है.
कैमल सफारी –
कैमल सफारी आपको जैसलमेर का पारंपरिक रेगिस्तानी, शांत और खूबसूरत अनुभव कराता है. पर्यटको को यह सफारी बहुत ज़्यादा पसंद आता है. ऊँट की पीठ पर बैठकर आप थार रेगिस्तान की खूबसूरती और सुनहरे टीलों के बीच होते हैं—जहाँ चारों तरफ बस रेत, हवा और नीला आसमान होता है. यहाँ पर सनसेट कैमल राइड सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. कैमल सफारी करने का एक व्यक्ति का लगभग 300 से 500 रुपये लगते है. और यह राइड 20 से 25 मिनट का होता है. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर-नीचे होता रहता है.
सनसेट पॉइंट सैम ड्यून्स –
सनसेट सैम ड्यून्स की असली खूबसूरती है. जहाँ रेत के ऊँचे-ऊँचे टीलों के बीच आप सूरज को गोल्डन रेत पर उतरते हुए देखते हैं. यह क्षण इतना खूबसूरत होता है. कि कई लोग सिर्फ सनसेट देखने के लिए ही सैम ड्यून्स आते हैं. सैम की रेत शाम को गोल्डन-ऑरेंज रंग में चमकती है. शाम को 5:30 बजे के आसपास यहाँ का सनसेट पूरे राजस्थान का सबसे खूबसूरत सनसेट माना जाता है. यह जगह फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिये परफेक्ट है.
डेजर्ट कैम्प नाईट –
जैसलमेर की रात अगर कहीं सबसे खूबसूरत लगती है, तो वह है सैम सैंड ड्यून्स के डेजर्ट कैम्प में, अगर आप यहाँ पर रात में रुकते हैं, तो आपको यहाँ पर पूरा राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलता है जैसे – घुमर डांस, कलबेलिया, फायर शो, फोक सिंगिंग, DJ & Bonfire और भी राजस्थानी प्रोग्राम देखने को मिलेंगे. और खाने में आपको राजस्थानी खाना मिलता है जैसे – दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, बाजरे की रोटी और भी कई प्रकार के राजस्थानी खाना आपको मिलेगा. यहाँ पर बजट कैम्प: ₹1200–₹2500, लक्ज़री कैम्प: ₹3000–₹7000 रूपये तक का मिलता है. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर नीचे होता रहता है.
तीसरा दिन: Day-3 :-
तीसरे दिन आपको तनोट माता मंदिर, लोंगेवाला वार मेमोरियल, बॉर्डर रोड ड्राइव घूमना है और वापसी करना है.
तनोट माता मंदिर –
तनोट माता मंदिर भारत-पाक सीमा के पास स्थित यह मंदिर भारतीय सेना के लिए आस्था का प्रतीक है. यह मंदिर देवी आवड़ को समर्पित है, जिन्हें हिंगलाज माता का अवतार माना जाता है. कहा जाता है कि 1965 के युद्ध में में पाकिस्तानी सेना ने मंदिर पर कई बम गिराए, लेकिन कोई भी बम फटा नहीं। स्थानीय लोग और भारतीय सेना इस मंदिर को को चमत्कारी मानते हैं. भारतीय सेना युद्ध में जाने से पहले यहाँ पर माथा टेकते है. तनोट माता मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर शाम को 8 बजे तक खुला रहता है.
लोंगेवाला वार मेमोरियल –
लोंगेवाला वार मेमोरियल बहुत ही खूबसूरत मेमोरियल है. यह वार मेमोरियल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला में लड़ी गई ऐतिहासिक लड़ाई को समर्पित है. जहाँ 120 भारतीय जवानों ने 2000 पाकिस्तानी सैनिकों को रोका था. यहाँ पर आपको देखने के लिये पाकिस्तानी सेना द्वारा नष्ट किए गए टैंकों, हथियारों, टी-59 और शेरमन टैंक, 106 मिमी रिकॉयलेस गन, और अन्य बहुत सारे युद्ध सामग्री देखने को मिलेंगे. लोंगेवाला वार मेमोरियल हर दिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम को 6 बजे तक खुला रहता है. और इसको देखने का कोई भी टिकट शुल्क नहीं लगता है.
बॉर्डर रोड ड्राइव –
बॉर्डर रोड ड्राइव जैसलमेर का सबसे सुंदर और रोमांचक सफर में से एक है. जैसलमेर से तनोट माता मंदिर और फिर लोंगेवाला बॉर्डर तक जाने वाली सड़क को “बॉर्डर रोड ड्राइव” कहा जाता है. यह ड्राइव राजस्थान की सबसे खूबसूरत, शांत और अनोखी ड्राइव में से एक मानी जाती है.यह सड़क पूरी तरह थार डेजर्ट के बीच से होकर गुजरती है. बीच में कोई बड़ा शहर या गांव नहीं, बस रेगिस्तान और सड़क कहीं-कहीं आपको बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की गाड़ियाँ दिखेंगी हवा इतनी साफ होती है कि कई किलोमीटर दूर तक सब दिखाई देता है. यह सफर आपको इंडिया के असली डेजर्ट लाइफ का अहसास कराता है। इसके बाद आप वापस जैसलमेर लौटें और अपने होटल से चेक-आउट करें. और अपनी वापसी की यात्रा के लिये जैसलमेर रेलवे स्टेशन/ जैसलमेर एयरपोर्ट के लिये निकल सकते है.
जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय: Best time to visit Jaisalmer :-
जैसलमेर वैसे तो आप पूरे साल में कभी भी घूम सकते है. अगर जैसलमेर घूमने जाने के सबसे बेस्ट समय की बात करें तो अक्टूबर से मार्च तक का महीना सबसे अच्छा माना जाता है. इस टाइम यहाँ का मौसम काफ़ी ठंडा और सुवाहना होता है. अप्रैल से जून के महीने में जाने से बचना चाहिए क्योंकि यहाँ पर बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है.
जैसलमेर कैसे पहुंचे: How to Reach Jaisalmer :-
जैसलमेर आप सड़क मार्ग, रेल मार्ग और हवाई मार्ग तीनो मार्ग के जरिये आप आसानी से जैसलमेर पहुंच जायेगे. तो आइये आज मै आपको बताने वाला इन तीन मार्गो के बारे में..
सड़क मार्ग: Road Route :-
अगर आप सड़क मार्ग द्वारा जैसलमेर आना चाहते है तो दिल्ली, अजमेर, जयपुर, उदयपुर, जोधपुर इत्यादी सड़क मार्ग द्वारा जैसलमेर बहुत ही अच्छे से जुड़ा हुआ है. आप इन शहरो से बस या टैक्सी लेकर आप आसानी से जैसलमेर पहुंच जायेगे.
रेल मार्ग: Rail Route :-
जैसलमेर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जैसलमेर रेलवे स्टेशन है. जैसलमेर रेलवे स्टेशन से जैसलमेर शहर की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है. आप रेलवे स्टेशन से बस, टैक्सी या प्राइवेट कैब लेकर आप आसानी से जैसलमेर पहुंच जायेगे.
हवाई मार्ग: Flight Route :-
जैसलमेर का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जैसलमेर एयरपोर्ट है. जैसलमेर एयरपोर्ट से जैसलमेर की दूरी लगभग 14 किलोमीटर है. आप एयरपोर्ट से बस या टैक्सी लेकर आप आसानी से जैसलमेर पहुंच जायेगे.
जैसलमेर में रुकने की जगह: Places to stay in Jaisalmer :-
जैसलमेर में रुकने के लिये आपको बहुत सारे होटल, बजट होटल, गेस्ट हॉउस, होम स्टे और लक्जरी होटल आपको रुकने के लिये मिल जायेगा. तो आइये आज मै आपको बताने वाला इन होटलों के बारे में…
गेस्ट हॉउस और होमस्टे: Guest Houses and Homestays :-
जैसलमेर में रुकने के लिये आपको बहुत सारे गेस्ट हॉउस और होमस्टे भी मिल जायेगा जैसे- शाही पैलेस गेस्ट हॉउस, टोक्यो पैलेस गेस्ट हॉउस, अबू सफारी गेस्ट हॉउस, बोहेमियन गेस्ट हॉउस और भी बहुत सारे है. होमस्टे और गेस्ट हॉउस आपको लगभग 800 से 1500 रुपये में मिल जायेगा. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर नीचे होता रहता है.
बजट होटल: Budget Hotel :-
जैसलमेर में आपको बहुत सारे बजट होटल देखने को मिल जायेगा जैसे- होटल गोल्डन सिटी, होटल राणा विला, मैस्टिक जैसलमेर होटल, होटल रॉयल हवेली और भी बहुत सारे है. बजट होटल आपको लगभग 1000 से 2000 रूपये में आपको मिल जायेगा. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर नीचे होता रहता है.
मिड-रेंज होटल: Mid-range Hotels :-
जैसलमेर में आपको बहुत सारे मिड-रेंज में होटल देखने को मिल जायेगा. जैसे- होटल किला भवन, होटल स्काई प्लाजा, होटल लाल ग्रह फ़ोर्ट एंड पैलेस, होटल रॉयल विला जैसलमेर और भी बहुत सारे होटल है. मिड-रेंज होटल आपको लगभग 2000 से 3500 रुपये में आपको मिल जायेगा. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर नीचे होता रहता है.
लग्जरी होटल: Luxury Hotels :-
जैसलमेर में आपको बहुत सारे लग्जरी होटल भी देखने को मिल जायेगा. जैसे- होटल राजवाड़ा होटल, द गुलाल होटल, रावलकोट होटल, होटल गोल्डन हवेली और भी बहुत सारे लग्जरी होटल है. लग्जरी होटल आपको लगभग 4000 से 6000 रुपये में आपको मिल जायेगा. सीजन के हिसाब से रेट ऊपर नीचे होता रहता है.
जैसलमेर घूमने का बजट: Budget to visit Jaisalmer :-
जैसलमेर यात्रा का कुल खर्च व्यक्ति के यात्रा के ऊपर निर्भर करता है. जैसलमेर को पूरा घूमने में लगभग 3 दिन का समय लगता है. जैसलमेर यात्रा की बजट की बात करें तो लगभग 8000 से 14000 रुपये तक एक व्यक्ति का खर्चा आता है. यह बजट जैसलमेर यात्रा का एक नार्मल बजट है. अगर आप कोई एडवेंचर एक्टिविटी करते है तो आपका बजट और भी बढ़ सकता है.
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